धार्मिक

देवी पार्वती को क्यों कहा जाता है अन्नपूर्णा ?

सोमवार दिनांक 10.12.18 को मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया पर पूर्वा व उत्तरा आषाड़ से बने वृद्धि योग में देवी अन्नपूर्णा के पूजन का खास महत्व है।

सोमवार दिनांक 10.12.18 को मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया पर पूर्वा व उत्तरा आषाड़ से बने वृद्धि योग में देवी अन्नपूर्णा के पूजन का खास महत्व है। ब्रह्मवैवर्तपुराण के काशी रहस्य के अनुसार अन्नपूर्णा को संपूर्ण विश्व का संचालन व भरण-पोषण करने वाली मां जगदंबा अर्थात पार्वती कहा गया है। अन्नपूर्णा का अर्थ है अन्न यानि धान्य की अधिष्ठात्री देवी। स्कंदपुराण के काशीखण्ड के अनुसार महादेव गृहस्थ हैं व पार्वती उनकी गृहस्थी चलाती हैं। मार्गशीर्ष माह में इनकी पूजा करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से इस समय कोशिकाओं के जेनेटिक कण रोगनिरोधक होकर चिरायु व युवा बनाने का काम करते हैं। अगहन में षटरस खाना खाने से सालभर स्वास्थ्य ठीक रहता है। मार्गशीर्ष माह में अन्नपूर्णा का पूजन करने से यश व कीर्ति में वृद्धि होती है। अन्नपूर्णा की कृपा से कोई भी भूखा नहीं सोता है, सभी विपत्तियों से रक्षा होती हैं व घर में कभी अन्न-धान्य की कमी नहीं होती है।

स्पेशल पूजन विधि: घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में सफ़ेद वस्त्र बिछाकर, पीतल के लोटे में नवधान भरकर व लोटे के मुख पर श्रीफल रखकर अन्नपूर्णा कलश स्थापित करें और साथ ही पारद शिवलिंग स्थापित करके विधिवत शिव व अन्नपूर्णा का षोडशोपचार पूजन करें। चावल के आटे से बने दीए में गाय के घी का दीपक जलाएं, चंदन से धूप करें, सफ़ेद कनेर के फूल चढ़ाएं, श्वेत चंदन चढ़ाएं। नवधान की खिचड़ी का भोग लगाएं। रुद्राक्ष की माला से इन विशेष मंत्रों का 1-1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।

प्रातः पूजन मुहूर्त: सुबह 07:08 से सुबह 08:08 तक। (अमृत काल )

मध्यान पूजन मुहूर्त: दिन 11:30 से दिन 12:30 तक। (रवि योग)

संध्या पूजन मुहूर्त: शाम 18:34 से शाम 19:34 तक।

अन्नपूर्णा पूजन मंत्र: ह्रीं अन्नपूर्णायै नम॥

शिव पूजन मंत्र: ॐ काममूर्तये नमः॥

स्पेशल टोटके:
यश वृद्धि के लिए: 
देवी अन्नपूर्णा पर चढ़े मीठे चावल गाय को खिलाएं।

विपत्तियों के नाश के लिए: देवी अन्नपूर्णा पर चढ़ा नवधान पक्षियों के लिए रखें।

अन्न-धान्य की कमी से बचने के लिए: देवी अन्नपूर्णा पर चढ़ा सूखा धनिया किचन में छुपाकर रखें।

गुडलक के लिए: देवी अन्नपूर्णा पर चढ़े चावल सफ़ेद वस्त्र में बांधकर जेब में रखें।

विवाद टालने के लिए: देवी अन्नपूर्णा पर चढ़े सफ़ेद गुलदाउदी का फूल जलप्रवाह करें।

नुकसान से बचने के लिए: देवी अन्नपूर्णा के निमित चावल कपूर से जलाकर आरती करें।

प्रोफेशनल सक्सेस के लिए: देवी अन्नपूर्णा पर चढ़े जौ ऑफिस की दराज़ में रखें।

एजुकेशन में सक्सेस के लिए: सफ़ेद कागज़ पर केसर “ह्रीं” लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।

फॅमिली हैप्पीनेस के लिए: चंदन की माला से “ॐ अन्नरूपायै नमः:” मंत्र का जाप करें।

लव लाइफ में सक्सेस के लिए: दूध में शर्करा मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker