धार्मिक

दिवाली की रात कर लें ये खास काम, नहीं होगी घर में पैसे की कमी

आज दिवाली का पावन दिन है। इस दिन को लेकर सभी के मन में उत्साह देखने को मिलता है।

आज दिवाली का पावन दिन है। इस दिन को लेकर सभी के मन में उत्साह देखने को मिलता है। दीपोत्सव के दिन शुरू होते ही बाजार की रौनक भी देखते ही बनती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करके सभी अपने घर-आंगन को रौशन करते हैं। मिट्टी के दियों से घर की सजावट करके उसे दुल्हन की तरह सजाते हैं। दिवाली पर कुछ स्पेशल टोटके करने के बाद खुशियां खुद-ब-खुद आपके घर दस्तक देंगी।

सबसे पहला उपाय है- आधी कटोरी चावल लें, उसमें धनतेरस के दिन खरीदे हुए चांदी के सिक्के रखें और फिर लक्ष्मी जी के आगे जलाए हुए घी के दीपकों में से एक दीपक उठाकर उसी कटोरी में सिक्के के ऊपर रख दें और कटोरी को किसी प्लेट से ढ़क दें। दीपक को उसी के अंदर बुझ जानें दें और उस कटोरी को वहीं रखा रहने दें। भइयादूज के दिन उस कटोरी को खोल कर सिक्का निकाल लें और उस सिक्के को संभाल कर तिजोरी में रखें। चावलों को एक लाल रंग के कपड़े की पोटली में बांधकर तिजोरी में रखें।

दूसरा उपाय है- लटजीरा या चिचड़े के पौधे के अगले हिस्से को सर पर रखकर स्नान कीजिये और ये मंत्र पढ़ें – ” चिचड़ी बरियारी, रोगदोष लै जाय दीवारी ” ऐसा करने से साल भर बिमारियों से बचाव होता रहता है। लटजीरा एक ऐसा पौधा है, जो पूरे देश में पाया जाता है- सड़क के किनारे, नालियों के आस-पास, खेतों में, लगभग सभी जगह पर ये पौधा आसानी से मिल जाता है।

तीसरा उपाय कुछ इस तरह है- दीपावली की रात लक्ष्मी जी के आगे जलाए गये देसी घी के दीपकों के अलावा एक बड़े दीपक में सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाना चाहिए और उस दीपक की लौ को एक कच्ची मिट्टी के दीपक से ढ़क देना चाहिए। भइया दूज के दिन इस कच्चे दिये पर जमे कार्बन को गाय के घी से सानकर बने काजल का टीका या उसे आंख में लगाना बेहद शुभ माना गया है। इस काजल के टीके से आदमी साल भर बुरी नजर से बच सकता है।

चौथा उपाय-  दीपावली की रात अपनी फेवरेट किताबों में टीका लगाकर दीपक की रोशनी में उन्हें पढ़ना चाहिये। उन पर रोली और खील लगाकर रख देना चाहिये। प्रतिपदा के दिन पढाई नहीं करनी चाहिये। भइया दूज की पूजा के बाद दोबारा पढ़ाई शुरु करनी चाहिये। जो लोग लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं वो किताबों की जगह लैपटॉप रख सकते हैं।

पांचवा उपाय-  दीपावली के तीन दिनों यानि नरक चतुर्दशी, दीपावली और परेवा की सुबह शरीर में तेल मालिश करके ही स्नान करना चाहिये। इस दिन- पीपल, गूलर , आम ,बरगद और पाकण के पेड़ो में से जिस-जिस पेड़ की छाल मिल जाय उसे पानी में उबाल कर उस पानी से नहाने से लक्ष्मी प्राप्त होती है और दुर्भाग्य नष्ट हो जाता है।

छठा उपाय- दीपावली के दिन दोपहर के बाद पांच लोगों के कुमकुम लगाने, पड़ोसी को खाना खिलाने और घर के दरवाजे पर चावल चिपकाने से बेरोजगार को भी रोजगार मिलता है और बिजनेस में बढ़ोत्तरी होती है।

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