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Review: दमदार किरदार से सारा ने जीत लिया सबका दिल, इस वजह से जरुर देखने जाए फिल्म

फिल्मी फ्राइडे में आज रिलीज हुर्इ सारा अली खान आैर सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ।

फिल्मी फ्राइडे में आज रिलीज हुर्इ सारा अली खान आैर सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ। पहले ही दिन फिल्म में सारा अली खान के किरदार ने सबका दिल जीत लिया। ताे आइए आपकाे बताते हैं आखिर क्याें अभिषेक कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म केदारनाथ आपकाे जरुर देखनी चाहिए। आखिर फिल्म में क्या है खास, जाे सारा अली खान आैर सुशांत सिंह राजपूत की लव स्टाेरी काे बना रहा है बेहद खास।

इस वजह से जरुर देखने जाए फिल्म…

फिल्म में सारा अली खान का दमदार अभिनय आपकाे अपना दीवाना बना लेगा, उनका किरदार देखने के बाद जो चीज सबसे ज्यादा आपके दिमाग पर छाप छोड़ती है वो है सारा अली खान। सारा नैचुरली जितनी खूबसूरत और बेबाक हैं परदे पर भी उनकी खूबसूरती और बेबाकपन साफ़ झलकता है, फिल्म देखकर लगता ही नहीं की ये उनकी पहली फिल्म है। फिल्म के एक-एक सीन में सारा कॉन्फिडेंटऔर दमदार दिखीं। इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत ने भी इस पूरी फिल्म में काफी मेहनत की है, सुशांत ने शारीरिक तौर पर काफी मेहनत की है, फिल्म में वो एक पिट्ठू के किरदार में हैं। इनकी लव केमिस्ट्री फिल्म काे बेहद खास बनाती है।

फिल्म की कहानी में ये बात है बेहद खास…

फिल्म काे केदारनाथ में साल 2013 में आए प्रलय से जोड़ा गया है। लड़का, लड़की, प्यार, इजहार, इनकार और फिर इकरार के साथ कहानी में दो परिवारों के बीच होने वाला घमासान युद्ध भी है। केदारनाथ की कहानी एक हिन्दू पंडित की बेटी मंदाकिनी उर्फ़ मुक्कु (सारा अली खान) से शुरू होती है जो की बेहद जिद्दी, खुशमिज़ाज़ और अल्हड़ हैं। मुक्कु को एक मुस्लिम पिट्ठू (तीर्थयात्रियों को कंधे पर उठानेवाला) मंसूर (सुशांत सिंह राजपूत) से प्यार हो जाता है। दो अलग धर्म के लोगों का प्यार वादी के लोगों को पसंद नहीं आता और फिर इस प्यार को तोड़ने की भरपूर जद्दोजहद शुरू हो जाती है। इस पूरी कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब मंदाकिनी और मंसूर के प्यार को तोड़ने के लिए पंडितों और पिट्ठुओं के बीच जंग छिड़ जाती है और इसी बीच कुदरत भी अपना कहर बरपा देता है। अब इसके बाद फिल्म में क्या हाेता है इसके लिए आपकाे सिनेमाघराें का रुख करना हाेगा।

फिल्म में सारा और सुशांत के बीच कई ऐसे खूबसूरत लम्हे फिल्माए गए हैं, जिसे देखकर कभी-कभी सारा में उनकी मां अमृता सिंह की झलक दिखाई देती है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी भी काफी अच्छी है, वादी की खूबसूरती को तुषार कांती रॉय ने कैमरे और ड्रोन से जिस खूबसूरती से फिल्माया गया है वो काबिले तारीफ है। फिल्म में इसके अलावा आैर क्या कुछ खास है उसे देखने के लिए सिनेमाघराें में जरुर पहुंचे।

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