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पत्रकार को जेल भिजवाने पर बोले मणिपुर के CM- लोगों की सेवा करने आए हैं, गालियां खाने नहीं

पत्रकार को जेल भिजवाकर आलोचनाओं का सामना कर रहे मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा हम सत्ता में जनता की सेवा करने के लिए आए हैं

पत्रकार को जेल भिजवाकर आलोचनाओं का सामना कर रहे मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा हम सत्ता में जनता की सेवा करने के लिए आए हैं न कि लोगों की गालियां खाने के लिए। इंफाल में डॉक्टरों के एक कार्यक्रम में बोलते हुए बीरेन ने कहा कि चाहें डक्टर हों या राजनेता, हम यहां लोगों की सेवा के लिए हैं, न कि उनकी गालियां सुनने। सीएम ने कहा कि अगर आम लोग सोचते हैं कि जो सत्ता में बैठे हैं हम उनको कुछ भी कह सकते हैं तो ऐसा नहीं है। हां अगर सत्ता में बैठे किसी शख्स से ने कुछ गलत किया है तो आप कोर्ट जाएं लेकिन सावर्जनिक स्तर पर गालियां निकालने का अधिकार नहीं है आपको।

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1) के मुताबिक किसी को भी अभिव्यक्ति की आजादी है लेकिन अनुच्छेद 19 (2) में यह भी कहा गया है कि लोगों को अपनी मर्यादा और नैतिकता को बरकरार रखना चाहिए। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहा कि हां, मैं मानता हूं कि सत्ता में बैठे इंसान से एक-दो गलतियां हो जाती हैं लेकिन देश में कानून का नियम भी है। अगर आप ज्यादा परेशान हैं तो वहां शिकायत करें। उन्होंने कहा कि न्यायिक हिरासत में हुई मौत के मामले में मैंने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप सार्वजनिक तौर पर गालियां देनी शुरू कर दें।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व टीवी पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम को सीएम की आलोचना करने पर गिरफ्तार किया गया था। पत्रकार को एक साल की सजा हुई है। पत्रकार किशोरचंद्र ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने कथित तौर पर मणिपुर के सीएम और भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने को लेकर घेरा था। इस पर मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने पत्रकार को पुलिस के हवाले कर दिया।

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