हेल्थ

सही मात्रा में दें बच्चों को टूथपेस्ट वरना होंगे ये नुकसान

रोजमर्रा के जीवन में सुबह उठकर सबसे पहले आप अपने बच्चों को टूथब्रश करने की सलाह देती है

रोजमर्रा के जीवन में सुबह उठकर सबसे पहले आप अपने बच्चों को टूथब्रश करने की सलाह देती है जो उनके दांतों की सफाई और मजबूती के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है।  लेकिन टूथपेस्ट की अधिक मात्रा आपके बच्चों के दांतों को नुक्सान भी पहुंचा सकती है।

क़रीब चालीस फ़ीसदी अभिभावक अपने बच्चों को तय मात्रा से अधिक टूथपेस्ट देते हैं। जिस उम्र में बच्चों के दांत निकल रहे हों, उस उम्र में बच्चों को कम टूथपेस्ट देना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा में टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने से उन्हें डेंटल फ़्लोरोसिस की शिकायत हो सकती है।

फ़्लोरोसिस की बड़ी वजह ये है कि टूथपेस्ट में फ़्लोराइड होता है, जो आमतौर पर दांतों को बैक्टीरिया से सुरक्षित रखता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा दांत की ऊपरी परत को घिस देती है। छोटे बच्चों के लिए टूथपेस्ट का कम इस्तेमाल करने की सलाह इसलिए भी दी जाती है।

दरअसल फ्लोरिसस का असर दांत आने वाले बच्चों के दांतों पर होता है, लेकिन अगर फ़्लोराइड की मात्रा को नियंत्रित नहीं किया जाए तो दांत बदरंग हो सकते हैं। दांतों की बनावट भी बिगड़ सकती है। वहीं इंडियन डेंटल असोसिएशन (आईडीए) की वेबसाइट के अनुसार, टूथपेस्ट सिर्फ़ दांत साफ़ करने का काम नहीं करता बल्कि यह दांतों को सुरक्षित रखने के लिए भी ज़रूरी है।

कोई भी टूथपेस्ट ख़रीदने से पहले उस पर एसोसिएशन की मान्यता ज़रूर जांच लें। आमतौर पर टूथपेस्ट में पांच तत्व शामिल होते हैं। कैल्शियम फ़ॉस्फेट्स और सोडियम मेटाफ़ॉस्फ़ेट, ग्लिसरॉल या सॉर्बिटॉल, डिटर्जेंट, फ्लेवर और कलर एजेंट और फ़्लोराइड।

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