उत्तरप्रदेश

बुलंदशहर हिंसा: पहले इंस्पेक्टर सुबोध को मारी गई गोली या सुमित को, सवाल कायम

: स्याना हिंसा में अभी तक पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया है कि पहले गोली इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को मारी गई या सुमित को।

बुलंदशहर: स्याना हिंसा में अभी तक पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया है कि पहले गोली इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को मारी गई या सुमित को। हालांकि एक वायरल वीडियो में पहले सुमित को गोली मारने की बात सामने आ रही है। उसके बाद ही इंस्पेक्टर को गोली मारी गई। हालांकि अभी तक किसी पुलिस अधिकारी ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है। पुलिस दोनों को गोली लगने की कड़ियां जोडने का प्रयास कर रही है। सुमित को गोली लगने पर भड़का जनाक्रोश चिंगरावठी के ग्रामीण दबी जुबान से कह रहे हैं कि सुमित को गोली लगने के बाद जनाक्रोश भड़क गया। इसके बाद पुलिस कर्मी मौके से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों की बात पर विश्वास करें तो पहले गोली सुमित को लगी और उसके बाद इंस्पेक्टर की गोली लगने से मौत हुई।

बजरंग दल नेता योगेश राज के खिलाफ नहीं मिले हिंसा के सबूत
पता चला है कि एसआईटी और एसटीएफ की अब तक की जांच में बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज के खिलाफ बुलंदशहर हिंसा के कोई सबूत नहीं पाए गए हैं। सभी वीडियो में वह सिर्फ पुलिस अधिकारियों से बातचीत और भीड़ को शांत करता दिख रहा है। वहीं अफसर मान रहे हैं कि योगेश राज भीड़ को उकसाने का दोषी जरूर हो सकता है, लेकिन हिंसा करने जैसे सबूत उसके खिलाफ नहीं मिले हैं। माना जा रहा है कि ठोस सबूत हासिल नहीं होने की वजह से ही पुलिस अधिकारी उसकी गिरफ्तारी से बच रहे हैं।सूत्रों की मानें तो एसआईटी को इस केस में अब तक 50 से ज्यादा वीडियो प्राप्त हुई हैं। किसी भी वीडियो में योगेश राज द्वारा हिंसा करने जैसे सबूत नहीं पाए गए हैं। सिर्फ 4-5 वीडियो में वह दिख रहा है। एक वीडियो में स्याना सीओ सत्यप्रकाश शर्मा उसे शांत कर एक तरफ ले जाते हुए दिख रहे हैं। दूसरी वीडियो में योगेश राज भीड़ को शांत होने के लिए बोल रहा है। हालांकि कहने को उसकी गिरफ्तारी में पूरे मेरठ जोन की पुलिस और एसटीएफ.लगी हुई है। सूत्रों का दावा है कि योगेश को जल्द हिंसा के आरोपों से क्लीन चिट दी जा सकती है।

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