नई दिल्ली

बजट सत्र 2019: राष्ट्रपति कोविंद ने पेश किया मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड, गिनाई ये उपलब्धियां

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान में नोटबंदी का फैसला एक महत्वपूर्ण कदम था।

नई दिल्लीः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान में नोटबंदी का फैसला एक महत्वपूर्ण कदम था। कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस फैसले ने कालेधन की समानांतर अर्थव्यवस्था पर प्रहार किया और वह धन, जो व्यवस्था से बाहर था, उसे देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ा। पीएम मोदी सरकार द्वारा किये गये सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘बेनामी संपत्ति कानून’, ‘प्रिवेन्शन ऑफ मनी लाड्रिंग एक्ट’ और आर्थिक अपराध करके भागने वालों के खिलाफ बने कानून के तहत 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई हो रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जहां 3.8 करोड़ लोगों ने अपना रिटर्न फाइल किया था, वहीं अब 6.8 करोड़ से ज्यादा लोग आयकर रिटर्न फाइल कर रहे हैं।
आज करदाता को यह विश्वास है कि उसका एक-एक पैसा राष्ट्र-निर्माण में ईमानदारी के साथ खर्च किया जा रहा है। उन्होंने ‘इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड’ का उल्लेख करते हुये का कि इस नये कानून की वजह से अब तक बैंकों और देनदारों के तीन लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष निपटारा हुआ है। सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था विकसित करके कोयला खदानों की नीलामी की है और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा की है।

Delhi: President Ram Nath Kovind addresses both Houses of the Parliament #BudgetSession pic.twitter.com/EblR8SZYgj

— ANI (@ANI) January 31, 2019

गरीबों को आरक्षण का फैसला ऐतिहासिक, गरीब नौजवानों के साथ हुआ न्याय

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण संबंधी सरकार के कदम को ‘‘ऐतिहासिक’’ करार देते हुए कहा कि इससे उन गरीब युवक-युवतियों के साथ न्याय हुआ है जो गरीबी के अभिशाप के कारण खुद को वंचित महसूस कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार के जघन्य अपराध की सजा के लिए अपराधी को फांसी की सजा देने जैसा महत्वपूर्ण फैसला किया।

कोविंद ने कहा कि बीते शीतकालीन सत्र में संसद द्वारा संविधान का 103वां संशोधन पारित करके, गरीबों को आरक्षण का लाभ पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। उन्होंने नौजवानों के लिए उठाए गए सरकार के कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि नौजवानों को अपने व्यवसाय के लिए आसानी से ऋण प्राप्त हो, इसके लिए ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत, बिना किसी गारंटी के 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के ऋण दिए गए हैं. इसका लाभ, ऋण प्राप्त करने वाले 15 करोड़ से ज्यादा लोगों ने उठाया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उच्च स्तरीय प्रोफेशनल एजुकेशर्न पेशेवर शिक्षी के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर रही है और 7 आईआईटी, 7 आईआईएम, 14 आईआईआईटी, एनआईटी और 4 एनआईडी की स्थापना की जा रही है।

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